
माइंड न्यूज़ छतरपुर,। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छतरपुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी रजत सकलेचा की नियुक्ति की है। उनकी नियुक्ति से जिले में कानून व्यवस्था को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।रजत सकलेचा का जन्म मध्यप्रदेश के रतलाम में हुआ, जहां उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की। बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखने वाले सकलेचा ने अपने दादा बापूलाल सकलेचा की प्रेरणा से इस लक्ष्य को हासिल किया। 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू की।उनकी सफलता का सफर आसान नहीं रहा। पहले प्रयास में वे सिविल सेवा परीक्षा के मेंस तक पहुंचे, जबकि दूसरे प्रयास में उनका चयन CISF में हुआ। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में वर्ष 2016 में आईपीएस बनकर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। यह उपलब्धि उनके संघर्ष, धैर्य और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है।प्रशिक्षण के बाद उन्होंने मध्यप्रदेश कैडर चुना और उज्जैन जिले के बड़नगर थाने में प्रशिक्षु थाना प्रभारी के रूप में अपनी सेवा की शुरुआत की। इसके बाद ग्वालियर में CSP के रूप में पदस्थ रहते हुए उन्होंने एक बड़े बलवे को नियंत्रित कर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। फरवरी 2020 से भोपाल के जोन-1 में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाईं।कोरोना काल के दौरान उनकी कार्यशैली विशेष रूप से सराही गई, जब उन्होंने पुलिस कर्मियों के लिए भोजन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। उनकी संवेदनशीलता, अनुशासन और प्रभावी नेतृत्व के कारण वे प्रशासनिक हलकों में एक सक्षम और भरोसेमंद अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं।अब छतरपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति से जिले में बेहतर कानून व्यवस्था, सख्त प्रशासन और जनहित में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रजत सकलेचा आगामी मंगलवार को छतरपुर पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर सकते हैं।जिलेवासियों को उनसे न्यायप्रिय, सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग की उम्मीद है, वहीं युवाओं के लिए उनकी सफलता की कहानी प्रेरणास्रोत बनी हुई है।
