माइंड न्यूज़ छतरपुर। जिले के बमीठा स्थित शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन (NQAS) में 94.64 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि ग्रामीण

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बन गई है। इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत के साथ-साथ चौरसिया (केपी) फाउंडेशन, दिल्ली का विशेष योगदान रहा है। फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य केंद्र का व्यापक नविनीकरण कराया गया, जिसमें भवन की मरम्मत, रंग-रोगन, स्वच्छता व्यवस्था में सुधार और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। इससे अस्पताल का वातावरण पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक हो गया है। इसके अतिरिक्त संस्था ने अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए, जिससे मरीजों की जांच और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया है। बेहतर सुविधाओं और सेवाओं के चलते मरीजों का भरोसा भी स्वास्थ्य केंद्र के प्रति बढ़ा है।

PHC के डॉक्टरों, स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने इस सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि अब अस्पताल में पहले से बेहतर और व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रेरणादायक साबित हो रही है। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल बुनियादी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसी प्रकार सशक्त बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब सरकारी तंत्र और सामाजिक संस्थाएं मिलकर कार्य करती हैं, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है।

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