
माइन्ड न्यूज़ राजनगर/छतरपुर। छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चंद्रनगर में हज़रत निजामुद्दीन शाह पीर बाबा रहमतुल्लाहि अलैह (रह. अलैह) के उर्स मुबारक के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुस्लिम समुदाय द्वारा श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ चादर एवं जवाबी कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चंद्रनगर सहित आसपास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं एवं विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लेकर हिन्दू-मुस्लिम कौमी एकता और सामाजिक सद्भाव का परिचय दिया।कार्यक्रम की शुरुआत चंद्रनगर की जुमा मस्जिद से निकाले गए चादर जुलूस से हुई। श्रद्धालुओं ने अकीदत के साथ चादर पेश कर क्षेत्र में अमन, चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। इसके पश्चात भव्य जवाबी कव्वाली मुकाबले का आयोजन किया गया।कमेटी के सदर शेख कदीर ने बताया कि कार्यक्रम में कानपुर से प्रसिद्ध कव्वाल सलमान अजमेरी एवं ग्वालियर से शिवा परवीन ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कव्वाली के दौरान सलमान अजमेरी ने कौमी एकता का संदेश देते हुए कहा, “नफ़रत के खेल ना खेलो, यह चंद्रनगर है, यहां मंदिरों में पूजा और मस्जिदों में दुआ होती है।” इस संदेश ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। सूफी कलाम, सामाजिक समरसता, प्रेम, भाईचारे और इंसानियत से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर कव्वाली का आनंद लिया।

इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजनगर सिद्धार्थ सिंह बुंदेला, समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष कपूर सिंह, गुड्डे खान, जनपद पंचायत सदस्य धमना वार्ड क्रमांक-23 अवधनरेश यादव, सरपंच राकेश कुशवाहा, पूर्व सरपंच बमीठा जमाल खान, युवा नेता विजय यादव, जयहिंद सिंह, पत्रकार किशोरी श्रीवास, मनीष खटीक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के सफल आयोजन में युवा कार्यकर्ता रौनक खान, मोहम्मद हसन, मोहम्मद आर्यन, समीर एवं अन्य युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि हज़रत निजामुद्दीन शाह पीर बाबा रह. अलैह की शिक्षाएं प्रेम, मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश देती हैं। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चंद्रनगर में आयोजित यह उर्स एवं जवाबी कव्वाली कार्यक्रम वर्षों से क्षेत्र में कौमी एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल बना हुआ है।
