आंदोलन का नेतृत्व अमित भटनागर कर रहे हैं, जिनके साथ 10 हजार से अधिक लोग मौके पर मौजूद रहे।

माइन्ड न्यूज़ छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित ढोडन बांध निर्माण कार्य लगातार पांचवें दिन भी बंद रहा। मुआवजे की मांग को लेकर हजारों ग्रामीण निर्माण स्थल पर डटे हुए हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है। आंदोलन का नेतृत्व अमित भटनागर कर रहे हैं, जिनके साथ 10 हजार से अधिक लोग मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आसपास के गांवों से लोग आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। ढोडन, पलकोंहा, खरयानी, सुकवाहा, मैनारी सहित डूब क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों के ग्रामीण निर्माण स्थल पर राशन-पानी के साथ डेरा डाले हुए हैं।प्रशासन की ओर से विजावर और राजनगर के एसडीएम मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। आंदोलनकारी सागर संभाग के कमिश्नर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे और वार्ता बेनतीजा रही।

प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा मुआवजे को लेकर है। उनका कहना है कि मझगान्य और विश्रामगंज (नेगवा) बांध के विस्थापितों को भी ढोडन बांध के विस्थापितों के समान लगभग 12.5 लाख रुपये का पैकेज दिया जाए। जब तक समान मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पन्ना जिले में पहले बने बांधों में विस्थापितों को कम मुआवजा दिया गया था, जिससे लोगों में असंतोष है।

इसी कारण अब सभी प्रभावित परिवार समान मुआवजे की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल तक पहुंच रहे हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व के भूसोर नाका पर चौकसी बढ़ाई गई है और बाहरी लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है, फिर भी प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से मौके पर पहुंच रहे हैं।आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लगातार बढ़ती भीड़ और बंद पड़े निर्माण कार्य के चलते प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
