नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ फेल होने वाले छात्र ही नहीं, बल्कि वे छात्र भी द्वितीय परीक्षा दे सकेंगे जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं

माइन्ड न्यूज़ भोपाल | मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) ने परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा की जगह “द्वितीय परीक्षा” आयोजित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से छात्रों को फेल होने या कम अंक आने पर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ फेल होने वाले छात्र ही नहीं, बल्कि वे छात्र भी द्वितीय परीक्षा दे सकेंगे जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और प्रतिशत बढ़ाना चाहते हैं। इससे छात्रों को मनचाहे कॉलेज और कोर्स में प्रवेश पाने का बेहतर अवसर मिलेगा। एमपी बोर्ड के अनुसार, 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई तक और 10वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 19 मई तक आयोजित की जाएगी। छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम आने के 7 दिन के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी और छात्र नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से परीक्षा शुल्क जमा कर आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से छात्रों का मानसिक दबाव कम होगा और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का दूसरा मौका मिलेगा। अभिभावकों और छात्रों ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया है। कुल मिलाकर, एमपी बोर्ड का यह निर्णय छात्रों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक सरल और लचीली बनेगी।
